बुधवार, 21 मार्च 2012

aadmi kavita

                    आदमी 
आदमी ! करोड़ों ,अरबों निगल जाता है
आदमी! आदमी निगल जाता है 
आदमी! नदी, नाला , पोखर निगल जाता है
आदमी !हवा, धूप, मेघ निगल जाता है 
आदमी के लिए हो गया है यह सब फूसफास
कुछ दिनों में लगता है 
आदमी निगल जायगा धरती-आकाश
आदमी पी गया है ईमान
मिटा दिया है अपनी पहचान 
आदमी! आदमी मगर तब कहलायेगा 
जिस दिन निगल जायेगा बाढ़, सूखा और तूफान
                                       अंजनी कुमार शर्मा
१)पुष्पक ,संपादक /डॉ.अहिल्या मिश्र , कादम्बिनी क्लब ,हैदराबाद , अंक -१९ में प्रकाशित,पेज -२८  
२)मरू गुलशन ,संपादक /अनिल अनवर ,जोधपुर ,जु०-दिसम्बर ,२०११ में प्रकाशित ,पेज-५९ 
   

मंगलवार, 20 मार्च 2012

samman

कृष्णचंद्र बेरी सम्मान साहित्यकार अंजनी कुमार शर्मा को
    तरुण सांस्कृतिक चेतना समिति, मऊ, शेरपुर, समस्तीपुर (बिहार) के ३० वें महाधिवेशन के अवसर पर एस वर्ष का प्रतिष्ठित कृष्णचंद्र बेरी सम्मान -२०११ भागलपुर के लब्ध प्रतिष्ठित साहित्यकार श्री अंजनी कुमार शर्मा को दिया गया l श्री शर्मा को यह सम्मान उनके आंचलिक उपन्यास पर दिया गया l
    विदित हो कि रास्ट्रीय स्तर पर चर्चित  तरुण सांस्कृतिक चेतना समिति मऊ -शेरपुर  विगत कई वर्षों से हिंदी साहित्याकाश के शलाका पुरुष कृष्णचंद्र बेरी कि स्मिरिती में प्रतिवर्ष एक साहित्यकार को 'कृष्णचंद्र बेरी सम्मान ' से सम्मानित करती आ रही है l
    श्री शर्मा का इस प्रतिष्ठित सम्मान पर कब्ज़ा से इनके शुभचिंतकों में खुशी कि लहर है l तरुण सांस्कृतिक चेतना समिति परिवार एवं हिंदी प्रचारक पत्रिका परिवार कि ओर से श्री शर्मा के उज्जवल भविष्य कि कामना l 
हिंदी प्रचारक पत्रिका, संपादक /विजय प्रकाश बेरी 
पिशाचमोचन, वाराणसी -२२१०१०, के पृष्ठ संख्या -५ में प्रकाशित l 

Gazal

                         ग़ज़ल 
रंजिसों का मत बढ़ावो जिन्दगी में सिलसिला
मीत! मन से मन मिला तू और स्वर से स्वर मिला
प्रेम औ पुचकार की भाषा जहाँ होगी सदा
चेहरा होगा यक़ीनन फूल जैसा ही खिला
अर्थ-युग की दौड़ में जब आदमियत है तवाह
कांपता है आसमा औ कँप रही अपनी इला
जिस तरह शोषित यहाँ  अब खो रही इंसानियत 
है कहाँ महफूज कोई कौन सुनता है गिला 
चूर ही होना अगर है आदमी के स्वप्न को 
क्यों न छोड़े हम बनाना रोज ख्वाबों का किला 
फांक होती जा रही है जातियां औ धर्म भी 
लोग बढ़ते  जा रहे अब रोज बँटता है जिला
माफ करना अंजनी बदली यहाँ की अब फिजा 
पूजते ही पूजते ख़ुद हो गए अब हम शिला
ई०अंजनी कु० शर्मा
सत्यदेव पथ, सियारामनगर, भीखनपुर,
भागलपुर-८१२००१
मो०-०९८३५०९२९०४
e-mail- eranjanisharma@gmail.com

गुरुवार, 1 दिसंबर 2011

nvesh


निवेश 
विदेशी निवेश 
के खिलाफ है शोर 
हंगामा है  चारो ओर
जनता बहा रही है लोर
पर सरकार है कितनी कठोर 
बर्वादी के कगार
पर पहुँच जायगा लाखों परिवार   

anna



अन्ना
विदेशों में जमा है पैसा 
स्कूटर पर जहाँ चलता भैसा 
ऑफिस के बाबु हैं बेकाबू 
लेन देंन बिना चलता नहीं काम 
जहाँ नेता सब हैं बदनाम 
इसलिए अन्ना बन गए गाँधी 
ला दिए देश में आंधी 

sansad

संसद
संसद में सांसद  
ठप्प कराने का लेते है पैसा 
वर्ताव करते है जानवरों जैसा 
कोई बाघ, कोई विलाढ़, कोई सियार
देश का होगा ही बंटाधार
हो जाओ सभी यहाँ होशियार